ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा की उच्च परिषद के सचिव ने कहा है कि कोरोना वायरस से अधिक गंभीर ख़तरों वाले वायरस प्रतिबंध और वादाख़िलाफ़ी रहे हैं जिन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय शांति को ख़तरे में डाला दिया है।
कोरोना वायरस के फैलने के बाद अमरीका की ओर से ईरान की सहायता पर आधारित दावे की ओर संकेत करते हुए अली शमख़ानी ने शनिवार को ट्वीट किया कि अपने वचन को पूरा करने की स्थिति में इसका सत्यापन हो सकता है। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अब्बास मूसवी ने भी माइम पोम्पियो की ओर से ईरान को दवाइयां और मेडिकल उपकरण भेजने के दावे को एक प्रचारिक हथकण्डा बताया था। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के दावे विश्व जनमत को दिगभ्रमित करने के उद्देश्य से किये जाते हैं।